अगस्त का महीना स्वाधीनता संग्राम की तपिश और आध्यात्मिकता की तेज से भरा है
15 अगस्त 1947 में भारत को आजादी मिली थी। लेकिन अगस्त में सिर्फ भारत को आजादी के लिए ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया में कई और चीजों एवं आध्यात्मिका की तेजस्विता के लिए भी याद रखा जाता है। कुछ तारीखें कैलेंडर के जगह लोगों के दिलों में होती है। 15 अगस्त की तारीख हर हिंदुस्तानी के लिए ऐसी ही एक तारीख है। अगस्त का ये महीना संघर्ष, बलिदान और स्वाधीनता की सुगंध से भरा हुआ है। इसी महीने की 15वीं तारीख को भारत ने सदियों की गुलामी की जंजीरें तोड़कर आजाद हवा में पहली बार सांस ली। भारत के साथ ही दुनिया के कई देशों में अगस्त का महीना बड़ी घटनाओं का महीना रहा है। आइये देश-दुनिया की ऐसी ही घटनाओं के बारे में जानते हैं जो अगस्त के महीने में हुईं।
1 अगस्त 1920 को महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन की शुरुआत की थी। इस आंदोलन ने अंग्रेजी साम्राज्य की नींव हिला दी थी। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद सबसे व्यापक पैमाने पर हुए इस आंदोलन ने अंग्रेजी राज को बुरी तरह से प्रभावित किया था।
9 अगस्त 1925 को रेल से ले जाए जा रहे सरकारी खजाने को रामप्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में क्रांतिकारियों ने लखनऊ के नजदीक काकोरी रेलवे स्टेशन के पास लूट लिया था। इस ट्रेन को इसलिए लूटा गया क्योंकि उस ट्रेन से भारत के धन को ब्रिटिश खजाने में शामिल किया जा रहा था। महात्मा गांधी ने मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान पर 'करो या मरोÓ के नारे के साथ भारत छोड़ो आंदोलन का आह्वान किया। 9 अगस्त को यह आंदोलन पूरे देश में शुरू हो गया। लाखों भारतीय इस आंदोलन में कूद पड़े। जेलें ठसाठस भर गईं। 'भारत छोड़ोÓ वास्तव में एक जन आंदोलन था, जिसने लाखों आम भारतीयों को इसमें शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
हम हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को मनाते हैं क्योंकि इसी दिन सन् 1947 में भारत को ब्रिटिश साम्राज्य से आजादी मिली थी। फिर 1947 में आजादी की घोषणा 14 अगस्त की आधी रात को क्यों की गई? इसकी बहुत ही दिलचस्प कहानी है। हमें पता है कि भारत को आजादी 14 अगस्त, 1947 की ठीक आधी रात में मिली थी। घड़ी के कांटों ने जैसे ही रात के 12 बजाए, भारत की आजादी की घोषणा हो गई। हालांकि, हम अपना स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को मनाते हैं। प्रश्न है कि अगर 14 अगस्ती की रात 12 बजे आजादी का ऐलान हुआ तो फिर हम हर वर्ष इसी इसी दिन, इसी वक्त स्वतंत्रता का समारोह क्यों नहीं मनाते हैं? सवाल है कि जब एक देश की नई तकदीर लिखे जाने जैसा बड़ा काम हुआ तो फिर यह आधी रात में क्यों, दिन में क्यों नहीं? ऐसी क्या मजबूरी थी कि रात 12 बजे ही ब्रिटिश राज के हाथों से शासन की बागडोर भारतीयों को सौंप दी गई?भारत को स्वतंत्रता मिलने के आखिरी कुछ महीनों की कहानियां लिखने वाले दो विदेशी इतिहासकारों ने इन सवालों के जवाब दिए हैं। डॉमिनिक लैपियर और लैरी कॉलिंस की पुस्तक फ्रीडम एट मिडनाइट, हिंदी में आधी रात को आजादी के नाम से प्रकाशित हुई है। इस पुस्तक में बताया गया है कि आखिर 14 अगस्त की आधी रात को ही भारत को एक स्वतंत्र राष्ट्र घोषित क्यों किया गया।
1 अगस्त को वल्र्ड वाइड वेब दिवस मनाते हैं। यह दिवस वर्ल्ड वाइड वेब (ङ्खङ्खङ्ख) के विकास और इसने किस तरह से इटरनेट को मानव जीवन से जोड़ दिया इसके सम्मान में मनाया जाता है। उनका लक्ष्य कंप्यूटर, डेटा नेटवर्क और हाइपरटेक्स्ट को मिलाकर एक मजबूत सूचना प्रणाली बनाना था। ङ्खङ्खङ्ख ने लोगों के जीवन में क्रांति लाकर जीवन को पूरी तरह से बदल दिया। 6 अगस्त, 1991 को दुनिया की पहली वेबसाइट, लॉन्च हुई। यह एक सीधा-सादा पेज था जिसमें उपयोग के निर्देश और ङ्खङ्खङ्ख पहल की व्याख्या थी।
6 अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा शहर पर अमेरिका के द्वारा सबसे पहला परमाणु हमला किया गया। हिरोशिमा शहर के बीच में एक तेज धमाका हुआ, आंखों को अंधा कर देने वाली तेज रोशनी चमकी, आसमान की तरफ एक बड़ा धुएं का गुबार उठा और सब कुछ तबाह हो गया। इस सुबह ने हिरोशिमा के लोगों की जिंदगी में तबाही मचा दी। विस्फोट की चपेट में सीधा आने वाले लोग उसी समय मारे गए, उनके शरीर उसी समय जल कर खाक हो गए। इसे जापान देश के सबसे काले अध्याय के रूप नें याद करता है। इस घटना के महज दो दिन बाद 9 अगस्त 1945 को अमेरिका ने जापान के एक और शहर नागासाकी पर दूसरा परमाणु हमला किया। इन दोनों हमलों में लाखों निर्दोष लोगों की जान चली गई थी
हिंदू कैलेंडर के अनुसार अगस्त माह काफी खास माना जा रहा है, क्योंकि इस माह सावन, हरियाली तीज, नागपंचमी से लेकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। 2026 का अगस्त महीना काफी खास माना जा रहा है, क्योंकि इस माह कई बड़े व्रत-त्योहार से लेकर सूर्य और चंद्र ग्रहण भी पडऩे वाला है। अगस्त माह का आरंभ श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि के साथ आरंभ हो रहा है, जो भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के साथ समाप्त हो जाता है। इस पूरे माह सावन रहने वाला है। भगवान शिव को समर्पित इस माह में हरियाली तीज, मंगला गौरी व्रत, श्रावण पूर्णिमा से लेकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा रहा है। इसके अलावा इस माह साल के आखिरी सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण भी लगने वाले हैं। ऐसे में ये माह काफी खास और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
श्रावण मास के हर एक मंगलवार के दिन मंगला गौरी व्रत रखा जाता है। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की विधिवत पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने से सुखी वैवाहिक जीवन, पति की लंबी उम्र और संतान की रक्षा होती है।
श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सावन शिवरात्रि पड़ रही है। इस दिन भगवान शिव की विधिवत पूजा करने के साथ शिवलिंग पर जलाभिषेक किया जाएगा। इसके साथ ही कांवड़ यात्रा भी समाप्त हो जाएगी। प्रतिवर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के साथ सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं। हर वर्ष सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता और भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। इस बार नाग पंचमी 17 अगस्त, सोमवार के दिन पड़ रही है।

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